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Essay on Impact of Rising prices on common man in hindi

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Essay on Impact of Rising prices on common man in hindi

Essay on Impact of Rising prices on common man in hindi

Introduction :

“देश की जनता गरीबी से लड़ रही है, महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है” उपरोक्त पंक्ति आम आदमी पर महंगाई से पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाती है। जरुरी वस्तुओं की कीमतों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी भारत के लोगों में चिंता का कारण बन रही है। महंगाई एक विश्वव्यापी घटना है और भारत भी इससे बच नहीं सका है। गैस, दाल, चीनी, तेल, चाय, पेट्रोल आदि जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी तेज़ी से बढ़ती जा रही हैं। जब कुल मांग वस्तुओं और सेवाओं की कुल आपूर्ति से अधिक हो जाती है, तब कीमतों में वृद्धि होने लगती है।

  • अर्थशास्त्रियों के अनुसार मांग में होने वाली वृद्धि के मुख्य कारण डिस्पोजेबल आय में वृद्धि, उपभोक्ता खर्च में वृद्धि, सार्वजनिक व्यय, काला धन आदि हैं।
  • मूल्य वृद्धि अलग-अलग लोगों को अलग तरह से प्रभावित करती है। हालांकि लचीले आय वर्ग पर इसका ज्यादा असर नहीं होता है।
  • हालांकि, निश्चित आय वर्ग के लोगों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनका वेतन और मजदूरी समान रहती है लेकिन वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में वृद्धि जारी रहती है।
  • बढ़ती कीमतों के कारण आम आदमी अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाता, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से परिवहन लागत में वृद्धि होती है।
  • ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत 101वें स्थान पर है जो भारत में गरीब लोगों की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। भारत में महिलाओं की स्थिति भी अच्छी नहीं है यहाँ 10 में से 7 महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। मूल्य वृद्धि की समस्या को रोकने के लिए
  • सरकार और जनता का संयुक्त प्रयास होना चाहिए ताकि इसे नियंत्रित किया जा सके। अधिक उचित मूल्य की दुकानें, केन्द्रीय भंडार खोले जाने चाहिए, जहां आम आदमी कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण सामान की खरीदारी कर सके।

Conclusion :

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार और बैंकों को नजर रखनी चाहिए। जहां तक आम जनता का सवाल है, उन्हें अनावश्यक खर्च कम करना चाहिए और बचत बढ़ानी चाहिए। इससे लोगों के पास खर्च करने योग्य आय कम हो जाएगी और उपभोग व्यय में भी कमी होगी। सरकार को निम्नतम आय वर्ग पर ध्यान देना चाहिए, स्टार्टअप को बढ़ावा देना चाहिए, युवाओं को कौशल प्रदान करना चाहिए ताकि अमीर और गरीब के बीच की खाई को जितना संभव हो उतना कम किया जा सके। इस सम्बन्ध में यह कहना गलत नहीं होगा की “सबके विकास से ही देश का विकास संभव है।”

गरीब कल्याण रोजगार अभियान पर निबंध

Introduction :

हमारे प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गरीब कल्याण रोज़गार अभियान की शुरुआत की, जो प्रवासी मजदूरों के लिए एक रोजगार योजना है, जिससे लॉकडाउन के दौरान शहरों से गांवों में लौटे मजदूरों की मदत होगी। इस अभियान को पांच राज्यों मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में बिहार के तेलिहार गाँव से 20 जून, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शुरू किया गया।

इस योजना के तहत, देश के ग्रामीण हिस्सों में ग्रामीण नागरिकों, विशेषकर प्रवासी श्रमिकों के लिए आजीविका सहायता प्रदान करके देश के ग्रामीण हिस्सों में होने वाले आर्थिक प्रभाव को कम करना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत लगभग 25 योजनाओं को एक साथ देश भर के 116 जिलों में लागू किया है तथा इस योजना के लिए 125 दिनों का लक्ष्य रखा गया है।

पैकेजिंग और स्थानीय उत्पाद बनाने के लिए गांवों, कस्बों और छोटे शहरों के पास उद्योग समूह बनाए जाएंगे। फसलों को स्थानीय स्तर पर स्टोर करने के लिए 1 लाख करोड़ की लागत से कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

  • इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बिहार के खगड़िया ज़िले के ग्राम तेलिहार से की।
  • ‘गरीब कल्याण रोज़गार अभियान’ के अंतर्गत सरकार द्वारा लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपए का निवेश किया किया गया है।
  • यह 125 दिनों का अभियान होगा, जिसे मिशन मोड रूप में संचालित किया किया गया।
  • इस अभियान में छ: राज्यों बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड तथा ओडिशा को शामिल किया गया है।
  • छ: ज़िलों के 25,000 से अधिक प्रवासी श्रमिकों के साथ कुल 116 ज़िलों को इस अभियान के लिये चुना गया है, जिसमें 27 आकांक्षी ज़िले (aspirational districts) भी शामिल हैं।
  • इस कार्यक्रम में शामिल छ: राज्यों के 116 ज़िलों के गाँव कॉमन सर्विस सेंटर (Common Service Centres) तथा ‘कृषि विज्ञान केंद्रों’ (Krishi Vigyan Kendras) के माध्यम से शामिल होंगे, जो कोरोना के कारण लागू शारीरिक दूरी के मानदंडों को भी ध्यान में रखा गया।
  • इस अभियान में 12 विभिन्न मंत्रालयों को समनवित किया जाएगा, जिसमें पंचायती राज, ग्रामीण विकास, सड़क परिवहन और राजमार्ग, खान, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सीमा सड़कें, दूरसंचार तथा कृषि मंत्रालय शामिल हैं।
  • इस अभियान को ऐसे समय में शुरू किया जा रहा है जब COVID-19 के प्रकोप के कारण लाखों प्रवासी मज़दूर गाँवों की तरफ लौट रहे हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार की समस्या उत्पन्न हो रही है।
  • मनरेगा के तहत काम करने वाले परिवारों की संख्या भी मई 2020 में एक स्तर पर पहुँच गई है।
  • यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में ही प्रवासी श्रमिकों को रोज़गार प्रदान करने के साथ-साथ गाँवों के टिकाऊ बुनियादी ढाँचे का निर्माण करने में सहायक है।
  • यह अभियान प्रवासी श्रमिकों तथा ग्रामीण नागरिकों के सशक्तीकरण तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा अर्थात् गाँवों में ही आजीविका के अवसरों को इस अभियान के माध्यम से विकसित किया है।
  • PMGKRA में 50000 करोड़ की लागत लगी है जिसकी उद्घोषणा भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सहाय पैकेज के दौरान की थी। इस अभियान के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के 25,000 से अधिक अपने गाँव पलायन कर गए प्रवासी श्रमिकों के साथ कुल 116 जिलों को चुना गया है।

Conclusion :

इस अभियान के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी है। फाइबर केबल बिछाने और इंटरनेट के प्रावधान को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण करते हुए प्रवासी श्रमिकों के परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करेगा। प्रवासी श्रमिकों की वर्तमान स्थिति के अनुसार गरीब कल्याण योजना जैसी योजना की बहुत आवश्यकता है। हालांकि, कार्यक्रम की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि क्या इसका लाभ प्रवासी श्रमिकों तक समय पर पहुंच पायेगा या नहीं। सरकार को सभी प्रवासी मजदूरों का एक डेटाबेस भी बनाना चाहिए जो भविष्य में उनके लिए एक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

भ्रष्टाचार पर निबंध (Essay on Curruption in hindi)

Introduction :

जब कोई व्यक्ति न्याय व्यवस्था के नियमों के विरूद्ध जाकर अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए सार्वजनिक संपत्ति, स्थिति, शक्ति और अधिकार का दुरुपयोग करने लगता है तो वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है। आज भारत जैसे देश में भ्रष्टाचार अपनी जड़े तेज़ी से फैला रहा है।

भ्रष्टाचार अब समाज की गहराई में फैल गया है और इसकी बहुत सारी जड़ों के होने के कारण बहुत मजबूत हो गया है। यह एक कैंसर की तरह है जो एक बार उत्पन्न होने पर दवा के बिना समाप्त नहीं किया जा सकता। भ्रष्टाचार के कई रूप है जैसे रिश्वत, काला-बाजार, जान-बूझकर दाम बढ़ाना, पैसा लेकर काम करना, सस्ता सामान लाकर महंगा बेचना आदि।

भ्रष्टाचार विभिन्न प्रकार का हो सकता है जो शिक्षा, खेल, राजनीति जैसे हर क्षेत्र में फैला हुआ है। भ्रष्टाचार के कारण व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझ पाता है। भ्रष्टाचार कई तरह से हो सकता है जैसे चोरी, बेईमानी, सार्वजनिक संपत्ति का दुरूपयोग, अनावश्यक रूप से समय की बर्बादी, शोषण, घोटाला आदि।

  • इसने विकासशील और विकसित दोनों देशों में अपनी जड़ें जमा ली हैं। हमें गुलामी से वास्तविक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए अपने समाज और देश से भ्रष्टाचार को दूर करने की आवश्यकता है।
  • हम पैसो के कारण अपनी असली ज़िम्मेदारी को भूल गए हैं। हमें यह समझने की जरूरत है कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता, हम इसे हमेशा के लिए नहीं रख सकते, यह हमें केवल लालच और भ्रष्टाचार दे सकता है। यह सच है कि जीवन जीने के लिए हमें धन की आवश्यकता होती है, लेकिन यह सच नहीं है कि सिर्फ अपने स्वार्थ और लालच के लिए हम किसी के जीवन से खेले और उसका दुरूपयोग करे।
  • भ्रष्टाचार का रोग सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में इस तरह से फैल गया है कि आम आदमी को अपना कार्य करवाने के लिए बड़े अफसर नेताओं को घूस देनी ही पड़ती है।
  • भारत अपने लोकतंत्र के लिए प्रसिद्ध है लेकिन यह भ्रष्टाचार है जो इसकी लोकतांत्रिक प्रणाली को बर्बाद कर रहा है। सरकार द्वारा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कोई सख्त नियम नहीं बनाए जाने के कारण भ्रष्ट लोगों के हौसले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं जिसके कारण वर्तमान में घोटालों की संख्या बढ़ गई है।

भ्रष्टाचार के कारण

  • देश का लचीला कानून – भ्रष्टाचार विकासशील देश की समस्या है, यहां भ्रष्टाचार होने का प्रमुख कारण देश का लचीला कानून है। पैसे के दम पर ज्यादातर भ्रष्टाचारी बाइज्जत बरी हो जाते हैं, अपराधी को दण्ड का भय नहीं होता है।
  • व्यक्ति का लोभी स्वभाव – लालच और असंतुष्टि एक ऐसा विकार है जो व्यक्ति को बहुत अधिक नीचे गिरने पर विवश कर देता है। व्यक्ति के मस्तिष्क में सदैव अपने धन को बढ़ाने की प्रबल इच्छा उत्पन्न होती है।
  • आदत – आदत व्यक्ति के व्यक्तित्व में बहुत गहरा प्रभाव डालता है। एक मिलिट्री रिटायर्ड ऑफिसर रिटायरमेंट के बाद भी अपने ट्रेनिंग के दौरान प्राप्त किए अनुशासन को जीवन भर वहन करता है। उसी प्रकार देश में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से लोगों को भ्रष्टाचार की आदत पड़ गई है।
  • मनसा – व्यक्ति के दृढ़ निश्चय कर लेने पर कोई भी कार्य कर पाना असंभव नहीं होता वैसे ही भ्रष्टाचार होने का एक प्रमुख कारण व्यक्ति की मनसा (इच्छा) भी है।

भ्रष्टाचार के विभिन्न प्रकार

  • रिश्वत की लेन-देन –सरकारी काम करने के लिए कार्यालय में चपरासी (प्यून) से लेकर उच्च अधिकारी तक आपसे पैसे लेते हैं। इस काम के लिए उन्हें सरकार से वेतन प्राप्त होता है वह वहां हमारी मदद के लिए हैं। इसके साथ ही देश के नागरिक भी अपना काम जल्दी कराने के लिए उन्हे पैसे देते हैं अतः यह भ्रष्टाचार है।
  • चुनाव में धांधली –देश के राजनेताओं द्वारा चुनाव में सरेआम लोगों को पैसे, ज़मीन, अनेक उपहार तथा मादक पदार्थ बांटे जाते हैं। यह चुनावी धान्धली असल में भ्रष्टाचार है।
  • भाई-भतीजावाद –अपने पद और शक्ति का गलत उपयोग कर लोग भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देते हैं। वह अपने किसी प्रिय जन को उस पद का कार्यभार दे देते हैं जिसके वह लायक नहीं हैं। ऐसे में योग्य व्यक्ति का हक उससे छिन जाता है।
  • नागरिकों द्वारा टैक्स चोरी –नागरिकों द्वारा टैक्स भुगतान करने हेतु प्रत्येक देश में एक निर्धारित पैमाना तय किया गया है। पर कुछ व्यक्ति सरकार को अपने आय का सही विवरण नहीं देते और टैक्स की चोरी करते हैं। यह भ्रष्टाचार की श्रेणी में अंकित है।
  • शिक्षा तथा खेल में घूसखोरी –शिक्षा तथा खेल के क्षेत्र में घूस लेकर लोग मेधावी व योग्य उम्मीदवार को सीटें नहीं देते बल्कि जो उन्हें घूस दे, उन्हें दे देते हैं।

भ्रष्टाचार के उपाय

  • भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कानून – हमारे संविधान के लचीलेपन के वजह से अपराधी में दण्ड का बहुत अधिक भय नहीं रह गया है। अतः भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है।
  • कानून की प्रक्रिया में समय का सदुपयोग – कानूनी प्रक्रिया में बहुत अधिक समय नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। इससे भ्रष्टाचारी को बल मिलता है।
  • लोकपाल कानून की आवश्यकता – लोकपाल भ्रष्टाचार से जुड़े शिकायतों को सुनने का कार्य करता है। अतः देश में फैले भ्रष्टाचार को दूर करने हेतु लोकपाल कानून बनाना आवश्यक है।

Conclusion : 

इसके अतिरिक्त लोगों में जागरूकता फैला कर, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बना और लोगों का सरकार तथा न्याय व्यवस्था के प्रति मानसिकता में परिवर्तन कर व सही उम्मीदवार को चुनाव जिता कर भ्रष्टाचार रोका जा सकता है। भ्रष्टाचार का कैंसर हमारे देश के स्वास्थ्य को नष्ट कर रहा है। यह आतंकवाद से भी बड़ा खतरा बना हुआ है। देश के युवाओं को भ्रष्टाचार के सभी कारणों से अवगत होना चाहिए और इसे हल करने के लिए एकजुट होना चाहिए। अगर हमें भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करना है तो राजनेताओं, सरकारी तंत्र और जनता को साथ मिलकर इसके खिलाफ लड़ना होगा तभी हम अपने देश को भ्रष्टाचार से बचा सकते हैं।

भ्रष्टाचार पर निबंध – Short Essay on corruption in hindi for students :

Introduction :

जब कोई व्यक्ति न्याय व्यवस्था के नियमों के विरूद्ध जाकर अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए सार्वजनिक संपत्ति, स्थिति, शक्ति और अधिकार का दुरुपयोग करने लगता है तो वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है। आज भारत जैसे देश में भ्रष्टाचार अपनी जड़े तेज़ी से फैला रहा है। भ्रष्टाचार अब समाज की गहराई में फैल गया है और इसकी बहुत सारी जड़ों के होने के कारण बहुत मजबूत हो गया है। यह एक कैंसर की तरह है जो एक बार उत्पन्न होने पर दवा के बिना समाप्त नहीं किया जा सकता।

भ्रष्टाचार के कई रूप है जैसे रिश्वत, काला-बाजार, जान-बूझकर दाम बढ़ाना, पैसा लेकर काम करना, सस्ता सामान लाकर महंगा बेचना आदि। भ्रष्टाचार विभिन्न प्रकार का हो सकता है जो शिक्षा, खेल, राजनीति जैसे हर क्षेत्र में फैला हुआ है। 

  • भ्रष्टाचार के कारण व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझ पाता है। भ्रष्टाचार कई तरह से हो सकता है जैसे चोरी, बेईमानी, सार्वजनिक संपत्ति का दुरूपयोग, अनावश्यक रूप से समय की बर्बादी, शोषण, घोटाला आदि। (भ्रष्टाचार पर निबंध)
  • इसने विकासशील और विकसित दोनों देशों में अपनी जड़ें जमा ली हैं। हमें गुलामी से वास्तविक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए अपने समाज और देश से भ्रष्टाचार को दूर करने की आवश्यकता है। हम पैसो के कारण अपनी असली ज़िम्मेदारी को भूल गए हैं।
  • हमें यह समझने की जरूरत है कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता, हम इसे हमेशा के लिए नहीं रख सकते, यह हमें केवल लालच और भ्रष्टाचार दे सकता है। यह सच है कि जीवन जीने के लिए हमें धन की आवश्यकता होती है।
  • लेकिन यह सच नहीं है कि सिर्फ अपने स्वार्थ और लालच के लिए हम किसी के जीवन से खेले और उसका दुरूपयोग करे।
  • भ्रष्टाचार का रोग सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में इस तरह से फैल गया है कि आम आदमी को अपना कार्य करवाने के लिए बड़े अफसर नेताओं को घूस देनी ही पड़ती है। भारत अपने लोकतंत्र के लिए प्रसिद्ध है लेकिन यह भ्रष्टाचार है जो इसकी लोकतांत्रिक प्रणाली को बर्बाद कर रहा है। (Essay on corruption in hindi)

Conclusion :

सरकार द्वारा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कोई सख्त नियम नहीं बनाए जाने के कारण भ्रष्ट लोगों के हौसले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं जिसके कारण वर्तमान में घोटालों की संख्या बढ़ गई है। भ्रष्टाचार का कैंसर हमारे देश के स्वास्थ्य को नष्ट कर रहा है। यह आतंकवाद से भी बड़ा खतरा बना हुआ है। देश के युवाओं को भ्रष्टाचार के सभी कारणों से अवगत होना चाहिए और इसे हल करने के लिए एकजुट होना चाहिए।

अगर हमें भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करना है तो राजनेताओं, सरकारी तंत्र और जनता को साथ मिलकर इसके खिलाफ लड़ना होगा तभी हम अपने देश को भ्रष्टाचार से बचा सकते हैं।

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भ्रष्टाचार के कारण ( Causes of corruption in India)

  • देश का लचीला कानून 
  • व्यक्ति का लोभी स्वभाव 
  • आदत – आदत व्यक्ति के व्यक्तित्व में बहुत गहरा प्रभाव डालती है। उसी प्रकार देश में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से लोगों को भ्रष्टाचार की आदत पड़ चुकी है।
  • मनसा -व्यक्ति के दृढ़ निश्चय कर लेने पर कोई भी कार्य कर पाना असंभव नहीं होता वैसे ही भ्रष्टाचार होने का एक प्रमुख कारण व्यक्ति की मनसा भी है।

भ्रष्टाचार के विभिन्न प्रकार (Types of corruption in India)

  • रिश्वत की लेन-देन 
  • चुनाव में धांधली 
  • भाई-भतीजावाद 
  • नागरिकों द्वारा टैक्स चोरी
  • शिक्षा तथा खेल में घूसखोरी 

भ्रष्टाचार के उपाय (How to curb corruption)

  • भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कानून
  • कानून की प्रक्रिया में समय का सदुपयोग 
  • लोकपाल कानून की आवश्यकता
  • सरकारी कर्मचारियों को अच्छा वेतन
  • दफ्तरों में लोगों की कमी न हो
  • सभी कार्यालय में कैमरा लगाया जाये
  • भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) बिल
  • भ्रष्टाचार का विरोध करें

भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार द्वारा उठाए गए कदम (Steps taken by Government to remove corruption)

  • डिजिटलीकरण 
  • नौकरी से निष्कासित 
  • चुनाव में सुधार 
  • गैरकानूनी संस्थानों तथा दुकानों पर ताला 

भ्रष्टाचार : सतर्क भारत समृद्ध भारत पर निबंध – Satark bharat samridh bharat essay in hindi :

Introduction :

नए भारत का निर्माण तब तक लगभग असंभव है जब तक इसमें भ्रष्टाचार का कैंसर है। लोगों और सरकार की सामूहिक इच्छा के बिना भ्रष्टाचार को खत्म करना असंभव है। जब कोई व्यक्ति न्याय व्यवस्था के नियमों के विरूद्ध जाकर अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए सार्वजनिक संपत्ति, स्थिति, शक्ति और अधिकार का दुरुपयोग करने लगता है तो वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है। यद्यपि भ्रष्टाचार को एक बार में शून्य स्तर तक नहीं लाया जा सकता है लेकिन हम इसे कम करने का प्रयास कर सकते हैं। यह निगरानी और सतर्कता से सुनिश्चित किया जा सकता है। सतर्कता हमारे समाज में प्रबंधन कार्यों का एकअभिन्न अंग है।

  • सतर्कता की भूमिका संगठन को आंतरिक खतरों से बचाने के लिए है जो बाहरी खतरों की तुलना में सबसे अधिक ख़तरनाक हैं।
  • शिक्षा की मदद से हम भ्रष्टाचार को कम कर सकते हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार, सबसे कम भ्रष्ट राज्य केरेल है, क्योंकि इसमें साक्षरता की दर सभी राज्यों से अधिक है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि शिक्षा लोगों को प्रभावित कर सकती है।
  • अगर हम अपने भारत को समृद्ध बनाना चाहते हैं तो सभी को अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा। जैसा कि हम जानते हैं कि अगर हम अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर हो जाएं तो हम जो कुछ भी चाहते हैं वह हासिल कर सकते हैं।

आज व्यवसाय के हज़ारो विकल्प मौजूद हैं ज़रूरत है तो केवल सतर्कता और समझदारी से लाभ उठाने की ।  इसके लिये आवशयक है कि मौजूद विकल्पो और नितियो को जनता खुद सतर्क रहकर अपने हक़ मे लाभ का आनंद ले । भारत को स्वस्थ और समृद्ध बनाने के लिए निवेश नहीं बल्कि नवाचार सबसे बड़ी ताकत बन सकती हैं। हमे ज़रूरत है अपनी ताकत का मह्त्व समझकर उसका सही तरीके से उपयोग करने की।

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