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Letters

गंगा नदी की सफाई के लिए संपादक को एक पत्र लिखें

आप एक एनजीओ के सदस्य पुनीत/कविता 25/7 जवाहर नगर, कानपूर में रहते हैं। गंगा नदी की सफाई के लिए एक सार्वजनिक आंदोलन के लिए हिंदुस्तान टाइम्स दैनिक के संपादक को एक पत्र लिखें।

25/7 जवाहर नगर
कानपुर

 

6 जनवरी, 2021

 

संपादक
हिंदुस्तान टाइम्स
कानपुर

 

विषय: गंगा नदी की सफ़ाई पर पत्र

 

आदरणीय महोदय,
मैं आपके सम्मानित अखबार के माध्यम से गंगा नदी की बिगड़ती स्थिति की ओर सम्बंधित अधिकारियों तथा कानपुर के लोगो का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। कानपुर शहर में गंगा नदी का दूषित पानी घरों में नलों के माध्यम से आ रहा है।

यहाँ के निवासियों को इसके लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए क्योंकि वे नदी को कचरे एवं सीवेज से प्रदूषित कर रहे हैं। नदी का पानी बैक्टीरिया, प्लास्टिक, रसायन और अन्य अपशिष्ट पदार्थों से भरा है।

लोग वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों ने अभी तक इस सम्बन्ध में कोई जवाब नहीं दिया है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप अपने समाचार पत्र के माध्यम से इस समस्या को सम्बंधित अधिकारियो तक पहुँचाये। मुझे उम्मीद है कि आप इस पत्र को जनहित के लिए अवश्य प्रकाशित करेंगे।
धन्यवाद

 

भवदीय
पुनीत/कविता

 

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Letters

Letter to the editor of a local newspaper about frequent road accidents in your city

You are Mansi/Vimal living at Nehru Nagar, New Delhi . Write a Letter to the editor of Times of India on increasing road accidents in your locality. 

Nehru Nagar

New Delhi

 

6th Jan, 2021

 

The Editor

The Times of India

New Delhi

 

Subject: Preventing road accidents on road

Respected Sir,

Through the esteemed column of your newspaper, I would like to draw the attention of the concerned authorities towards the serious issue of accidents occurring on road and it is a matter of  concern.

As almost everyone has been affected by such accidents because a relative or friend is in somehow connected to such accidents. The number of deaths per year  is 10 to 15 times more than that of developed countries of the world.

The number of motor vehicles is also increasing very quickly day by day. Although it is a sign of improving economy of the country but it is bitter truth that it also adds to accidents on roads in India.

It is hence, requested that some stringent actions have to be taken by the concerned authorities to prevent the occurrence of these accidents and improve the situation on the roads.

Thanking you

 

Yours truly

Mansi/Vimal

 

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Letters

Letter to brother on positive & negative impacts of Social Media

You are Raman/Ritika living at 5/321 Gandhi Nagar, New Delhi. Write a letter to your younger brother Abhishek about the positive and negative impact of social media

5/321 Gandhi Nagar

New Delhi

 

6th Jan, 2021

 

Dear Abhishek,

I am quite well here and hope that you will also be hale and hearty. I am writing this letter to tell you about the positive and negative impact of social media. Social media already changed the way people interact with each other. Social media allow people to communicate and remain in contact with friends as well as meet new people.

Users also share videos, photos, music, documents and many other things. But Social media does have negative effects as well. It has reduced the amount of face to face socializing and replace it with online interaction. People that frequently use social media sites are also prone to social isolation which can lead to depression and decreased social skills.

I hope you will use social media sites as per the need because excessive use of it can cause wastage of time and energy. Give my regards to mother and dad.

 

Yours lovingly

Raman/Ritika

 

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Essays

Essay on Unemployment in hindi

भारत में बेरोजगारी की समस्या पर निबंध – Essay on problem of unemployment in hindi :

बेरोजगारी भारत में एक अहम समस्या बनती जा रही है  जब कोई व्यक्ति काम करने योग्य हो और काम करने की इच्छा भी रखता हो लेकि उसे काम का अवसर प्राप्त न हो तो वह बेरोजगार कहलाता हैं। आज हमारे देश मे लाखो लोग बेरोजगार है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि नौकरियाँ सीमित हैं और नौकरी पाने वालो की संख्या असीमित हो चुकी है। भारत में बेरोजगारी एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है। शिक्षा के अभाव और रोजगार के अवसरों की कमी के कारण बेरोज़गारी बढ़ती जा रही हैं।

बेरोज़गारी देश के आर्थिक विकास में बाधा पहुँचती तो है ही बल्कि व्यक्तिगत और पूरे समाज पर भी कई तरह के नकारात्मक प्रभाव डालती है। 2011 की जनगणना के अनुसार युवाओ का 20 प्रतिशत जिसमें 4.7 करोड़ पुरूष और 2.6 करोड़ महिलाएं पूरी तरह से बेरोजागार हैं।

यह युवा 25 से 29 वर्ष की आयु से हैं। यही कारण है कि जब कोई सरकारी नौकरी निकालती है तो आवेदको की संख्या लाखों को पार कर जाती हैं। तेजी से बढ़ती हुई जनसंख्या भारत मे बेरोजगारी का प्रमुख कारण हैं। वर्तमान शिक्षा प्रणाली भी दोषपूर्ण है।

बेरोजगारी को दूर करने में जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण आवश्यक है। जिस अनुपात में रोजगार से साधन बढ़ते है, उससे कई गुना जनसंख्या में वृद्धि हो  जाती है। 

बेरोजगारी की दूर करने के सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए गए है जिनमे राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम, ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम, जवाहर रोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार योजना आदि कार्यक्रम शामिल है।

लेकिन अभी भी कुछ सख्त कदम उठाने बाकि है। बेरोजगारी को दूर करना देश का सबसे प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। नागरिकों को अधिक नौकरियों के निर्माण के साथ ही रोजगार के लिए सही कौशल प्राप्त करने के लिए प्रयास करना चाहिए।

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